
झारखंड के हजारीबाग जिले के चौपारण प्रखंड अंतर्गत परसवा गांव से सामने आए वीडियो ने सड़क निर्माण कार्य पर बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। इस वीडियो में ग्रामीण सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर नाराजगी जाहिर करते नजर आ रहे हैं। उनका आरोप है कि ठेकेदार द्वारा घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है और काम में लापरवाही बरती जा रही है।

ग्रामीणों ने बताया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिससे उनका आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इस मुद्दे पर स्थानीय विधायक मनोज कुमार यादव भी सवालों के घेरे में आ गए हैं।
विपक्ष का हमला

इसी बीच, विपक्ष के नेता उमाशंकर अकेला यादव ने भी इस मुद्दे को लेकर मौजूदा विधायक मनोज कुमार यादव पर सीधा निशाना साधा है।
उमाशंकर अकेला यादव ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों में भारी अनियमितताएं हैं, खासकर सड़क निर्माण जैसे जरूरी कामों में गुणवत्ता से समझौता किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी से बचने का मामला है।
ग्रामीणों ने हजारीबाग प्रशासन, खासकर हजारीबाग डीसी से जांच की मांग की है।

साथ ही, लोगों ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से भी इस पूरे मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की है। इसके अलावा, ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा सकें।
ठेकेदार पर गंभीर आरोप
सड़क निर्माण कर रहे ठेकेदार पर भी गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कार्य में तय मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है और घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा है।

अब यह देखना अहम होगा कि जिला प्रशासन और राज्य सरकार इस मामले में क्या ठोस कदम उठाती है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।
कुल मिलाकर, परसवा गांव का यह मामला झारखंड में विकास कार्यों की गुणवत्ता और जवाबदेही पर बड़ा सवाल खड़ा करता है, जहां अब राजनीति भी पूरी तरह गरमा गई है।