चौपारण की जर्जर ग्रामीण सड़कों का मामला विधानसभा में विधायक मनोज यादव ने उठाया, सरकार ने माना ग्रामीणों को हो रही परेशानी

बरही विधायक मनोज कुमार यादव ने 12 अगस्त को विधानसभा सत्र के दौरान चौपारण प्रखंड की जर्जर ग्रामीण सड़कों का मामला जोरदार तरीके से उठाया। विधायक ने सरकार से सवाल करते हुए कहा कि चौपारण प्रखंड की कई महत्वपूर्ण ग्रामीण सड़कें अत्यंत जर्जर अवस्था में हैं, जिसके कारण ग्रामीणों, किसानों और स्कूली बच्चों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विधायक द्वारा विधानसभा में जिन सड़कों की स्थिति का मामला उठाया गया, उनमें पीडब्ल्यूडी रोड हैहर मोड़ से विशुनपुर दैहर होते हुए सोहस तक, झापा मध्य विद्यालय से नीगा होते हुए हथिन्दर तक, पीडब्ल्यूडी रोड से बनव तक, जीटी रोड कमलवार से ग्राम कुतलू (अंतिम सीमा) तक, पीडब्ल्यूडी रोड सवैया मोड़ से परसावां तक तथा पीडब्ल्यूडी रोड से बोगा होते हुए तेतरिया तक की सड़कें शामिल हैं।विधायक मनोज कुमार यादव ने सरकार से पूछा कि क्या यह सही है कि उक्त सभी सड़कें अत्यंत जर्जर अवस्था में हैं।

सरकार ने इस सवाल का स्वीकारात्मक जवाब दिया। इसके बाद विधायक ने सवाल किया कि क्या इन सड़कों के जर्जर होने के कारण स्थानीय ग्रामीणों, किसानों एवं स्कूली बच्चों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। सरकार ने इस सवाल को भी स्वीकार करते हुए सकारात्मक जवाब दिया। विधायक ने अपने तीसरे सवाल में सरकार से पूछा कि यदि उपर्युक्त दोनों बातें सही हैं तो क्या सरकार जनहित में इन सड़कों का विशेष मरम्मत कराने का विचार रखती है?

यदि हां, तो यह कार्य कब तक कराया जाएगा और यदि नहीं, तो इसके पीछे क्या कारण है? इस पर ग्रामीण कार्य विभाग की मंत्री दीपिका पाण्डेय सिंह ने सरकार की ओर से जवाब देते हुए बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए विभागीय संकल्प संख्या 1448, दिनांक 04.05.2026 द्वारा मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत पथ निर्माण की स्वीकृति तथा मुख्यमंत्री ग्राम सेतु योजना के अंतर्गत सेतु निर्माण की स्वीकृति के लिए विभागीय नीति संसूचित की गई है। मंत्री ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए मुख्यमंत्री ग्राम सड़क सुदृढ़ीकरण योजना के संबंध में अभी विभागीय नीति संसूचित नहीं है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ग्राम सड़क सुदृढ़ीकरण योजना के लिए विभागीय नीति संसूचित होने के बाद विभागीय नीति एवं बजटीय प्रावधान के आलोक में तथा माननीय स्थायी विधानसभा समिति (एमएसवीएस) की अनुशंसा प्राप्त होने पर प्रश्नाधीन पथों के सुदृढ़ीकरण कार्य के संबंध में अग्रेतर कार्रवाई की जा सकेगी। विधानसभा में सड़क की जर्जर स्थिति को लेकर सरकार के स्वीकारात्मक जवाब के बाद चौपारण क्षेत्र के ग्रामीणों को इन सड़कों के सुदृढ़ीकरण एवं मरम्मत कार्य शुरू होने की उम्मीद जगी है। विधायक मनोज कुमार यादव द्वारा क्षेत्र की ग्रामीण सड़कों का मुद्दा विधानसभा में उठाए जाने से स्थानीय लोगों की वर्षों पुरानी समस्या को सदन में आवाज मिली है। बताते चलें कि 11 अगस्त को सदन की कार्रवाई एक दिन पूर्व स्थगित हो गई थी। जिसके कारण जवाब सोमवार 17 अगस्त को मिला है।