झारखंड में उत्पाद सिपाही (Excise Constable) भर्ती परीक्षा 2026 को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। परीक्षा से पहले ही पेपर लीक के नाम पर अभ्यर्थियों से लाखों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। रांची पुलिस ने इस मामले में अब तक करीब 165 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिससे पूरे राज्य में हड़कंप मच गया है।

पुलिस के अनुसार, तमाड़ क्षेत्र में एक निर्माणाधीन इमारत में गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी की गई। यहां बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को इकट्ठा कर कथित प्रश्न और उत्तर रटवाए जा रहे थे। मौके से मोबाइल फोन, प्रिंटर और अन्य डिजिटल साक्ष्य बरामद किए गए हैं, जो इस संगठित ठगी नेटवर्क की पुष्टि करते हैं।
जांच में सामने आया है कि इस गिरोह ने अभ्यर्थियों को परीक्षा पास कराने का झांसा देकर उनसे 10 से 15 लाख रुपये तक वसूले। कई उम्मीदवारों ने एडवांस के रूप में चेक और अपने एडमिट कार्ड तक गिरोह को सौंप दिए थे। इस पूरे नेटवर्क को ‘सॉल्वर गैंग’ के नाम से संचालित किया जा रहा था।

इस मामले का मुख्य सरगना अतुल वत्स बताया जा रहा है, जो बिहार के जहानाबाद का निवासी है। पुलिस के मुताबिक, वह पहले भी NEET और अन्य भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक जैसे मामलों में शामिल रहा है। उसके साथ गिरोह के अन्य सदस्यों की भी गिरफ्तारी की गई है।

गिरफ्तार किए गए लोगों में 159 अभ्यर्थी (जिनमें 7 महिलाएं शामिल हैं) और गिरोह के 5 सदस्य हैं। प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए इन सभी अभ्यर्थियों को झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की भविष्य की सभी परीक्षाओं से डिबार कर दिया है।
वहीं, JSSC ने साफ किया है कि असली प्रश्न पत्र लीक नहीं हुआ था। गिरोह द्वारा दिए गए प्रश्न असली परीक्षा से मेल नहीं खाते थे, जिससे यह मामला पेपर लीक से ज्यादा एक संगठित ठगी का प्रतीत होता है।
फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और इस बात का पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह के तार और किन राज्यों या बड़े नेटवर्क से जुड़े हैं।